Indian Newspaper Day Quiz in Hindi: डिजिटल युग में भले ही हम खबरें अपनी उंगलियों पर देखते हों, लेकिन भारत में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी ‘प्रेस’ की असली नींव 29 जनवरी को ही रखी गई थी। हर साल Indian Newspaper Day हमें उस साहसी पत्रकारिता की याद दिलाता है, जिसने देश की आजादी की लड़ाई में मशाल का काम किया।
आज के इस विशेष ब्लॉग में, हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ज्ञानवर्धक इंडियन अखबार डे क्विज। यह क्विज न केवल आपकी General Knowledge को परखेगा, बल्कि आपको उन ऐतिहासिक तथ्यों से भी रूबरू कराएगा जो अक्सर परीक्षाओं में सीधे तौर पर पूछ लिए जाते हैं।
आइए, भारतीय पत्रकारिता के इस सफर में अपनी समझ को गहराई से जांचते हैं।
Indian Newspaper Day Quiz in Hindi – भारतीय समाचार पत्र दिवस क्विज
1. भारत में ‘भारतीय समाचार पत्र दिवस’ (Indian Newspaper Day) प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?
Explanation: भारत में हर साल 29 जनवरी को समाचार पत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में मील का पत्थर है क्योंकि इसी दिन 1780 में भारत के पहले साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू हुआ था, जिसने देश में सूचना क्रांति की नींव रखी।
2. भारत का पहला समाचार पत्र कौन सा था जिसे 29 जनवरी 1780 को प्रकाशित किया गया था?
Explanation: हिक्की का बंगाल गजट भारत का पहला अंग्रेजी भाषा का समाचार पत्र था। इसे जेम्स ऑगस्टस हिक्की द्वारा कोलकाता से प्रकाशित किया गया था। हालांकि यह एक छोटा दो पन्नों का अखबार था, लेकिन इसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाने का साहस दिखाया था।
3. ‘हिक्की का बंगाल गजट’ के संस्थापक और संपादक निम्नलिखित में से कौन थे?
Explanation: आयरिश नागरिक जेम्स ऑगस्टस हिक्की को ‘भारतीय प्रेस का पिता’ माना जाता है। उन्होंने निडर होकर सरकारी भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों पर लिखा। उनके इस साहसी कदम के कारण उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा और अंततः उनका प्रेस जब्त कर लिया गया।
4. हिंदी भाषा का पहला समाचार पत्र कौन सा था?
Explanation: ‘उदन्त मार्तण्ड’ (जिसका अर्थ है ‘उगता हुआ सूर्य’) हिंदी का प्रथम समाचार पत्र था। इसे 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कोलकाता से शुरू किया गया था। यही कारण है कि 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
5. भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता (Liberator of the Indian Press) किसे कहा जाता है?
Explanation: लॉर्ड चार्ल्स मेटकाफ ने 1835 के प्रेस अधिनियम के माध्यम से भारतीय समाचार पत्रों पर लगे कड़े प्रतिबंधों को हटा दिया था। उनकी उदार नीतियों के कारण ही उन्हें भारतीय प्रेस का ‘मुक्तिदाता’ कहा जाता है, जिससे पत्रकारिता को स्वतंत्र रूप से पनपने का मौका मिला।
6. ‘वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट’ (Vernacular Press Act) किस वर्ष लागू किया गया था जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के अखबारों पर नियंत्रण करना था?
Explanation: लॉर्ड लिटन के शासनकाल में 1878 में ‘वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट’ पारित किया गया था। इसे ‘मुंह बंद करने वाला कानून’ भी कहा जाता है क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों को दबाना था जो ब्रिटिश नीतियों की आलोचना कर रहे थे। [Source: testbook.com]
7. बाल गंगाधर तिलक द्वारा शुरू किए गए ‘केसरी’ समाचार पत्र की भाषा क्या थी?
Explanation: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए ‘केसरी’ (मराठी) और ‘मराठा’ (अंग्रेजी) नामक दो समाचार पत्रों का संपादन किया। केसरी के माध्यम से उन्होंने स्वराज्य की मांग को जन-जन तक पहुँचाया और ब्रिटिश शासन की कड़ी आलोचना की।
8. महात्मा गांधी द्वारा दक्षिण अफ्रीका में शुरू किए गए समाचार पत्र का नाम क्या था?
Explanation: 1903 में गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए ‘इंडियन ओपिनियन’ की शुरुआत की थी। यह समाचार पत्र गुजराती, हिंदी, तमिल और अंग्रेजी भाषाओं में प्रकाशित होता था और अहिंसक प्रतिरोध का एक सशक्त माध्यम बना।
9. भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘मिरात-उल-अखबार’ का प्रकाशन किसने किया था?
Explanation: राजा राम मोहन राय को ‘भारतीय पत्रकारिता का अग्रदूत’ माना जाता है। उन्होंने 1822 में फारसी भाषा में ‘मिरात-उल-अखबार’ शुरू किया था। उन्होंने समाज सुधार और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ जनमत तैयार करने के लिए पत्रकारिता का उपयोग किया।
10. वर्तमान में भारत में समाचार पत्रों का पंजीकरण और विनियमन कौन सी संस्था करती है?
Explanation: भारत में समाचार पत्रों का पंजीकरण ‘भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक’ (RNI) द्वारा किया जाता है। इसकी स्थापना 1956 में प्रेस और पुस्तक पंजीकरण अधिनियम के तहत की गई थी। यह संस्था देश भर में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों का डेटा और रिकॉर्ड व्यवस्थित रखती है।
क्विज रिजल्ट
आपका स्कोर: 0 / 10
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हमें उम्मीद है कि Indian Newspaper Day Quiz के इन महत्वपूर्ण प्रश्नों ने आपकी तैयारी को एक नई दिशा दी होगी। समाचार पत्रों का इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के वैचारिक विकास की कहानी है। प्रतियोगी परीक्षाओं के दौर में खुद को अपडेट रखना ही सफलता की पहली सीढ़ी है, और इस तरह के General Knowledge विषय आपकी स्कोरिंग क्षमता को काफी हद तक बढ़ा देते हैं।
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